प्रयागराज: दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला होने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है। इस तबादले का विरोध करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।
आज सुबह से ही हाईकोर्ट के गेट नंबर 3 पर वकील एकत्र होने लगे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों का मुख्य मांग है कि जस्टिस वर्मा का तबादला तुरंत रोका जाए।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय ने कहा कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी डिमांड पूरी नहीं होती। उनका आरोप है कि एक ऐसे जज, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, को इलाहाबाद भेजकर सम्मानित किया जा रहा है। विक्रांत पांडेय ने कहा, “यह संदेश दिया जा रहा है कि दिल्ली ज्यादा साफ-सुथरी जगह है, और वहां ऐसे लोग नहीं रह सकते, लेकिन इलाहाबाद में इसे स्वीकार कर लिया गया। यह हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। अगर न्यायपालिका की शुद्धता पर कोई दाग लगेगा, तो हम इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।”
वहीं, एक अन्य अधिवक्ता दिनेश यादव ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक हुई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “इलाहाबाद हाईकोर्ट कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां किसी के साथ प्रयोग किया जाए। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां के लोग न्याय व्यवस्था से उच्च उम्मीदें रखते हैं। हम यह नहीं होने देंगे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस तरह के फैसलों का गवाह बने।”
दिनेश यादव ने यह भी कहा कि वकीलों का विरोध केवल एक जज के तबादले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और स्वच्छता से जुड़े गंभीर सवालों पर भी है। उनके अनुसार, इस कदम से न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।